पड़ाव 6: प्रकाशन — ISBN और प्लेटफ़ॉर्म
आज प्रकाशन के लिए किसी बड़े प्रकाशक या हज़ारों प्रतियाँ छपवाने की ज़रूरत नहीं। ई-बुक Kindle और Google Play Books पर, और पेपरबैक प्रिंट-ऑन-डिमांड सेवाओं से (हिंदी पेपरबैक के लिए भारतीय सेवाएँ, क्योंकि Kindle पर हिंदी में केवल ई-बुक छपती है), ऑर्डर आने पर ही छपता और सीधे पाठक तक पहुँचता है। भारत में ISBN सरकार की ओर से मुफ्त मिलता है।
इस पड़ाव में क्या करें
- तय करें कि ISBN अपने नाम से लेना है या प्लेटफ़ॉर्म का मुफ्त ISBN लेना है।
- ISBN मिलने पर उसकी जाँच करें और बैक-कवर के लिए बारकोड बनाएं।
- प्लेटफ़ॉर्म चुनें और रॉयल्टी का हिसाब लगाकर कीमत तय करें।
- किताब का विवरण, श्रेणियाँ और खोज-शब्द तैयार रखें।
- प्रकाशन से पहले प्रीव्यू में हर पृष्ठ जाँचें।
इस पड़ाव के टूल्स
आम गलतियाँ
- कीमत अंदाज़े से रखना और बाद में पता चलना कि रॉयल्टी लगभग शून्य है।
- एक ISBN को ई-बुक और पेपरबैक दोनों पर लगाना। हर प्रारूप का ISBN अलग होना चाहिए।
- ई-बुक को किसी विशेष योजना (जैसे KDP Select) में डालते समय उसकी शर्तें न पढ़ना।
इस पड़ाव की गाइड
- भारत में ISBN कैसे लें: स्व-प्रकाशित लेखकों के लिए पूरी प्रक्रिया
- Kindle पर हिंदी ई-बुक कैसे प्रकाशित करें: चरण-दर-चरण
- प्रिंट-ऑन-डिमांड क्या है? बिना हज़ार प्रतियाँ छपवाए पेपरबैक
- किताब की कीमत कैसे तय करें
योजना के साथ (जल्द): हर प्लेटफ़ॉर्म के लिए तैयार फाइल-पैक, विवरण और श्रेणी-सुझाव, और चरण-दर-चरण प्रकाशन चेकलिस्ट। योजनाएँ देखें