पड़ाव 2: शीर्षक — नाम जो पहचान बने
पाठक सबसे पहले शीर्षक और कवर देखता है। अच्छा शीर्षक छोटा, याद रहने वाला और विषय बताने वाला होता है, और उपशीर्षक बताता है कि पाठक को क्या मिलेगा। सबसे ज़रूरी बात: वही नाम पहले से दर्जनों किताबों पर न हो।
इस पड़ाव में क्या करें
- 5 से 10 शीर्षक-विकल्प लिखें।
- हर विकल्प की उपलब्धता जाँचें: इस नाम से कितनी किताबें पहले से मौजूद हैं।
- उपशीर्षक में पाठक का फायदा लिखें, जैसे “30 दिनों में…”, “आसान भाषा में…”, “एक पिता की कहानी”।
- शीर्षक ज़ोर से बोलकर देखें: क्या उसे सुनकर कोई खोज सकता है?
- अंतिम दो विकल्प अपने संभावित पाठकों को दिखाकर राय लें।
इस पड़ाव के टूल्स
शीर्षक · असली डेटा
शीर्षक उपलब्धता जाँच
आपका चुना नाम पहले से कितनी किताबों में है
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शीर्षक · जल्द
AI शीर्षक सुझाव
असली प्रतिस्पर्धी नामों से अलग शीर्षक-सेट
जल्द शुरू होगा
आम गलतियाँ
- किसी प्रसिद्ध किताब या ब्रांड से मिलता-जुलता नाम रखना, जिससे भ्रम और कानूनी जोखिम दोनों बनते हैं।
- इतना काव्यात्मक शीर्षक कि विषय ही पता न चले।
- उपशीर्षक छोड़ देना। ऑनलाइन खोज में यही सबसे ज़्यादा काम आता है।
योजना के साथ (जल्द): Paddy AI शीर्षक-सेट: असली प्रतिस्पर्धी शीर्षकों को देखकर बनाए गए अलग शीर्षक, उपशीर्षक और खोज-शब्द। योजनाएँ देखें