पड़ाव 6: प्रकाशन · आखिरी अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
किताब की कीमत कैसे तय करें
कीमत बहुत ज़्यादा हो तो पाठक दूर भागते हैं, और बहुत कम हो तो किताब सस्ती लगती है और कमाई नहीं होती। सही कीमत चार बातों से तय होती है।
1. आपकी श्रेणी की कीमतें
अपनी श्रेणी की 15-20 मिलती-जुलती किताबों की कीमतें देखें, ख़ासकर नए लेखकों की। आपकी पहली किताब उनकी औसत कीमत के आसपास या थोड़ी कम हो सकती है।
2. लंबाई और मूल्य
200 पृष्ठ की किताब और 40 पृष्ठ की पुस्तिका की कीमत एक नहीं हो सकती। लेकिन ज्ञान की किताबों में पाठक पृष्ठ नहीं, समाधान खरीदता है। एक व्यावहारिक, समस्या सुलझाने वाली छोटी किताब भी अच्छी कीमत पा सकती है।
3. प्लेटफ़ॉर्म की सीमाएँ
- Amazon.in पर ई-बुक की 70% रॉयल्टी केवल एक तय कीमत-सीमा में मिलती है। सीमा के बाहर 35% मिलती है।
- पेपरबैक में छपाई लागत घटती है, इसलिए न्यूनतम कीमत लागत से तय होती है।
दोनों का हिसाब रॉयल्टी कैलकुलेटर में एक साथ लगाएँ।
4. आपका लक्ष्य
- ज़्यादा पाठक और पहचान: कम कीमत, लॉन्च पर छोटी अवधि का ऑफ़र।
- कमाई: 70% वाली सीमा के भीतर, श्रेणी की औसत कीमत।
- व्यवसाय के लिए साख (डॉक्टर, वकील, सलाहकार): कीमत से ज़्यादा ज़रूरी है कि किताब सही लोगों तक पहुँचे। उपहार-प्रतियाँ भी रणनीति का हिस्सा हैं।
एक उदाहरण
मान लीजिए आपकी 180 पृष्ठ की ज्ञान की किताब है, और श्रेणी की ज़्यादातर किताबें ई-बुक में ₹149 से ₹299 और पेपरबैक में ₹249 से ₹399 की हैं।
| प्रारूप | सुझाई कीमत | तर्क |
|---|---|---|
| ई-बुक | ₹199 | श्रेणी के बीच में, और Amazon.in पर 70% रॉयल्टी की सीमा के भीतर |
| पेपरबैक | ₹299 | छपाई लागत के बाद भी ठीक रॉयल्टी बचे, और ई-बुक से साफ महंगी |
| लॉन्च-ऑफ़र | ई-बुक ₹99, एक हफ्ते के लिए | शुरुआती पाठक और समीक्षाएँ जुटाने के लिए |
व्यावहारिक सुझाव
- ई-बुक की कीमत पेपरबैक से साफ कम रखें।
- ₹199, ₹249, ₹299 जैसी कीमतें पाठकों को परिचित लगती हैं।
- लॉन्च के बाद 4-6 हफ्ते बिक्री देखें, फिर कीमत बदलकर परखें।