पड़ाव 5: रूप-सज्जा — फॉर्मेट और कवर
अच्छी सामग्री भी खराब फॉर्मेटिंग में कमज़ोर दिखती है। ई-बुक के लिए साफ, बहने वाला (reflowable) लेआउट चाहिए, और पेपरबैक के लिए तय नाप, हाशिए और सही मोटाई का कवर। पेपरबैक कवर का नाप किताब के पृष्ठों और कागज़ पर निर्भर करता है।
इस पड़ाव में क्या करें
- किताब का आकार (ट्रिम साइज़) चुनें। हिंदी किताबों के लिए 5.5×8.5 इंच और 6×9 इंच लोकप्रिय हैं।
- भीतरी पृष्ठ: फॉन्ट-आकार 11 से 12, पंक्ति-अंतर 1.3 से 1.5, और अध्याय नए पृष्ठ से।
- पृष्ठ-संख्या तय होने के बाद कवर का पूरा नाप निकालें: आगे + स्पाइन + पीछे + ब्लीड।
- कवर पर शीर्षक दूर से पढ़ने लायक़ हो। मोबाइल पर छोटे आकार में भी देखकर जाँचें।
- प्रिंट के लिए 300 DPI की इमेज और PDF फाइल तैयार करें।
इस पड़ाव के टूल्स
आम गलतियाँ
- स्पाइन की मोटाई अनुमान से रखना, जिससे कवर छपाई में खिसक जाता है।
- कम रिज़ॉल्यूशन वाली इमेज का कवर।
- ई-बुक में पेपरबैक जैसे तय पृष्ठ-नंबर और हेडर रखना।
इस पड़ाव की गाइड
- किताब का आकार (ट्रिम साइज़) कैसे चुनें
- हिंदी किताब का भीतरी पृष्ठ-विन्यास: फॉन्ट, हाशिए और पंक्ति-अंतर
- अच्छे किताब-कवर के 9 नियम
- ई-बुक या पेपरबैक: आपकी किताब के लिए क्या सही है
- कोचिंग संस्थान अपने नोट्स को ब्रांडेड किताब कैसे बनाएँ
योजना के साथ (जल्द): ऑटो-फॉर्मेटिंग: आपकी DOCX से प्रिंट-रेडी PDF और EPUB, और Paddy AI कवर-डिज़ाइन विकल्प। योजनाएँ देखें