पड़ाव 4: कॉपीराइट — अधिकार साफ रखें
आपकी किताब में किसी और की कविता, उद्धरण, चित्र या अनुवाद है, तो उसके अधिकार की जाँच ज़रूरी है। भारत के कॉपीराइट अधिनियम के अनुसार साहित्यिक रचना पर लेखक के जीवनकाल और उनकी मृत्यु के अगले कैलेंडर वर्ष से 60 वर्ष तक कॉपीराइट रहता है। उसके बाद रचना पब्लिक डोमेन में आ जाती है।
इस पड़ाव में क्या करें
- किताब में उपयोग हुई हर बाहरी सामग्री की सूची बनाएं: उद्धरण, कविता, चित्र, तालिका।
- पुराने लेखकों की रचना हो तो पब्लिक डोमेन स्थिति जाँचें।
- जीवित लेखकों या हाल की रचनाओं के लिए लिखित अनुमति लें, या केवल छोटा, संदर्भ-सहित उद्धरण दें।
- चित्र केवल अपने, खरीदे हुए या स्पष्ट रूप से मुफ्त-लाइसेंस वाले रखें।
- किताब में कॉपीराइट पेज जोड़ें: लेखक का नाम, वर्ष, अधिकार-सूचना और ISBN।
इस पड़ाव के टूल्स
आम गलतियाँ
- “इंटरनेट पर मिल गया तो मुफ्त है” मान लेना।
- पुरानी रचना के आधुनिक अनुवाद या संपादित संस्करण को पब्लिक डोमेन मान लेना, जबकि अनुवाद पर अनुवादक का अलग अधिकार होता है।
- AI से बनी सामग्री को बिना जाँचे-संपादित किए छापना।
योजना के साथ (जल्द): मौलिकता जाँच रिपोर्ट और कॉपीराइट-पेज का तैयार ड्राफ्ट। योजनाएँ देखें