पब्लिक डोमेन जाँच: क्या इस लेखक की रचनाएँ भारत में कॉपीराइट-मुक्त हैं
किसी लेखक या कवि का नाम लिखें और Wikidata से उनकी मृत्यु-तिथि लेकर जानें कि भारतीय कॉपीराइट अधिनियम के अनुसार उनकी रचनाएँ पब्लिक डोमेन में हैं या कब आएँगी।
नियम क्या है
भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 22 के अनुसार प्रकाशित साहित्यिक, नाट्य, संगीत और कलात्मक रचना पर कॉपीराइट लेखक के जीवनकाल और उनकी मृत्यु के अगले कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से 60 वर्ष तक रहता है। उदाहरण: अगर किसी लेखक का निधन 1950 में हुआ, तो उनकी रचनाएँ 1 जनवरी 2011 से पब्लिक डोमेन में मानी जाएँगी।
किन बातों का ध्यान रखें
- अनुवाद और संपादन: पुरानी रचना पब्लिक डोमेन में हो, तब भी उसके आधुनिक अनुवाद, टीका या संपादित संस्करण पर अनुवादक या संपादक का अलग कॉपीराइट हो सकता है।
- मरणोपरांत प्रकाशन: जो रचनाएँ लेखक की मृत्यु के बाद पहली बार छपीं, उनके नियम अलग हैं।
- दूसरे देश: विदेश में बेचने पर वहाँ का कानून लागू होगा, जो अलग हो सकता है।
- संयुक्त रचनाएँ: कई लेखकों की रचना में आखिरी जीवित लेखक की मृत्यु से गिनती होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Wikidata में नाम नहीं मिला तो?
नाम अंग्रेज़ी में या पूरे नाम से खोजें। कुछ कम प्रसिद्ध लेखकों का रिकॉर्ड Wikidata में नहीं होता।
क्या यह कानूनी सलाह है?
नहीं। यह सामान्य नियम और सार्वजनिक डेटा पर आधारित अनुमान है। व्यावसायिक प्रकाशन से पहले कॉपीराइट विशेषज्ञ से पुष्टि करें।
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