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पड़ाव 4: कॉपीराइट · आखिरी अपडेट: 4 अक्टूबर 2026

पब्लिक डोमेन क्या है? पुरानी रचनाएँ कब और कैसे छाप सकते हैं

पब्लिक डोमेन वे रचनाएँ हैं जिन पर अब किसी का कॉपीराइट नहीं है, इसलिए कोई भी उन्हें छाप, बाँट या उन पर आधारित नई रचना बना सकता है। हिंदी साहित्य की बहुत-सी क्लासिक रचनाएँ इसी श्रेणी में आ चुकी हैं।

भारत में नियम

साहित्यिक रचना पर कॉपीराइट लेखक की मृत्यु के अगले कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से 60 वर्ष तक रहता है।

गणना का उदाहरण: किसी लेखक का निधन 1936 में हुआ। अगला वर्ष 1937। 1937 से 60 वर्ष, यानी 1996 के अंत तक कॉपीराइट। 1 जनवरी 1997 से रचनाएँ पब्लिक डोमेन में।

किसी भी लेखक की स्थिति तुरंत जानने के लिए पब्लिक डोमेन जाँच टूल का उपयोग करें। यह Wikidata से मृत्यु-तिथि लेकर गणना करता है।

सबसे ज़रूरी सावधानियाँ

पब्लिक डोमेन से नई किताब कैसे बनाएँ

इन किताबों में आपकी जोड़ी गई सामग्री (भूमिका, व्याख्या, अनुवाद) पर आपका कॉपीराइट होगा।

ऑनलाइन स्टोर पब्लिक डोमेन किताबों के लिए अक्सर यह शर्त रखते हैं कि आप उसमें कुछ अलग मूल्य जोड़ें, जैसे अनुवाद, टिप्पणी या चित्र। केवल मूल टेक्स्ट दोबारा छापना कई प्लेटफ़ॉर्म पर स्वीकार नहीं होता। प्रकाशन से पहले उनके नियम पढ़ें।

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