पड़ाव 2: शीर्षक · आखिरी अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
किताब का शीर्षक और उपशीर्षक कैसे चुनें (उदाहरण सहित)
शीर्षक किताब का पहला विज्ञापन है। ऑनलाइन स्टोर पर पाठक एक सेकंड में तय करता है कि किताब पर क्लिक करे या नहीं, और उस फैसले में शीर्षक और कवर की सबसे बड़ी भूमिका होती है।
अच्छे शीर्षक के पाँच गुण
- छोटा: दो से पाँच शब्द।
- याद रहने वाला: बोलने में आसान, लय वाला।
- विषय का संकेत: पढ़ते ही अंदाज़ा हो कि किताब किस बारे में है।
- अलग: वही नाम दर्जनों किताबों पर न हो।
- खोजने लायक़: उसमें वह शब्द हो जो पाठक खोजता है।
उपशीर्षक का सूत्र
उपशीर्षक बताता है कि पाठक को क्या मिलेगा। एक आसान सूत्र: [किसके लिए] + [क्या परिणाम] + [कैसे या कितने समय में]।
| शीर्षक | उपशीर्षक |
|---|---|
| मन की खेती | किसानों के लिए तनाव-मुक्त जीवन के 21 सरल अभ्यास |
| पहली नौकरी | कॉलेज से ऑफ़िस तक: नए कर्मचारियों की व्यावहारिक गाइड |
| माँ की रसोई | पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन, तीन पीढ़ियों की यादों के साथ |
कविता-संग्रह और उपन्यास में उपशीर्षक की ज़रूरत कम होती है, लेकिन “कविता-संग्रह” या “उपन्यास” जैसा छोटा परिचय जोड़ने से भी खोज में मदद मिलती है।
शीर्षक चुनने की प्रक्रिया
- बिना सोचे-समझे 20 शीर्षक लिख डालें।
- उनमें से 5 सबसे अच्छे चुनें।
- हर एक को शीर्षक उपलब्धता जाँच में डालें और देखें कि वह नाम पहले से कितनी किताबों पर है।
- बचे 2 या 3 शीर्षक अपने संभावित पाठकों को दिखाएँ और पूछें: “इस नाम से आपको किताब किस बारे में लगती है?”
- शीर्षक को कवर के छोटे आकार (मोबाइल पर दिखने वाले) में लिखकर देखें।
आम गलतियाँ
- बहुत लंबा शीर्षक, जो कवर पर छोटा और अपठनीय हो जाए।
- किसी प्रसिद्ध किताब या फिल्म से मिलता नाम।
- अंदरूनी मज़ाक या ऐसा शब्द जिसका मतलब केवल लेखक समझे।
- शीर्षक में वर्तनी की गलती। ISBN मिलने के बाद शीर्षक बदलना मुश्किल होता है।