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पड़ाव 3: लेखन · आखिरी अपडेट: 4 अक्टूबर 2026

KrutiDev बनाम Unicode: हिंदी लेखकों के लिए फॉन्ट की पूरी जानकारी

बहुत से हिंदी लेखक, टाइपिस्ट और शिक्षक आज भी KrutiDev या Chanakya जैसे पुराने फॉन्ट में टाइप करते हैं। ये फॉन्ट छपाई के लिए वर्षों से उपयोग होते रहे हैं, लेकिन ई-बुक और इंटरनेट के ज़माने में ये बड़ी परेशानी बन जाते हैं।

मूल फर्क

KrutiDev एक “मैपिंग” फॉन्ट है। इसमें कंप्यूटर असल में अंग्रेज़ी अक्षर सेव करता है, और फॉन्ट उन्हें हिंदी जैसा दिखा देता है। “भारत” असल में “Hkkjr” के रूप में सेव होता है। जिस कंप्यूटर या फोन में KrutiDev फॉन्ट नहीं है, वहाँ यही “Hkkjr” दिखेगा।

Unicode में हर हिंदी अक्षर का अपना अंतरराष्ट्रीय कोड है। Unicode में लिखा “भारत” हर फोन, कंप्यूटर, ब्राउज़र, Kindle और ई-बुक रीडर पर “भारत” ही दिखेगा। Mangal, Nirmala UI, Noto Sans Devanagari, Kokila आदि Unicode फॉन्ट हैं।

किताब के लिए Unicode क्यों ज़रूरी है

पुरानी फाइल कैसे बदलें

  1. Word फाइल में KrutiDev टेक्स्ट चुनकर कॉपी करें।
  2. हमारे हिंदी फॉन्ट परिवर्तक में “KrutiDev → Unicode” चुनें और टेक्स्ट चिपकाएँ।
  3. बदला टेक्स्ट Word में चिपकाकर फॉन्ट Mangal या Noto Sans Devanagari चुनें।
  4. एक बार पूरा टेक्स्ट पढ़कर संयुक्ताक्षर और मात्राएँ जाँच लें।

Unicode में टाइप करना कैसे सीखें

Windows और Mac दोनों में हिंदी कीबोर्ड पहले से होते हैं। जो लोग KrutiDev के Remington लेआउट के आदी हैं, उनके लिए “Hindi Remington” या “Remington GAIL” जैसे लेआउट उपलब्ध हैं, जिनमें वही उँगलियाँ चलाकर Unicode टाइप होता है। मोबाइल पर Gboard जैसे कीबोर्ड में हिंदी टाइपिंग और बोलकर लिखने की सुविधा है।

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