पड़ाव 3: लेखन · आखिरी अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
किताब की रूपरेखा (आउटलाइन) कैसे बनाएँ: ज्ञान की किताब, उपन्यास और संस्मरण
रूपरेखा किताब का नक्शा है। इसके बिना लिखना ऐसा है जैसे बिना रास्ता जाने यात्रा शुरू करना: कहीं न कहीं पहुँचेंगे, लेकिन शायद वहाँ नहीं जहाँ जाना था।
ज्ञान या “कैसे करें” वाली किताब
सबसे असरदार ढांचा है समस्या → समझ → समाधान → अभ्यास।
- भूमिका: यह किताब किसके लिए है और क्या देगी।
- समस्या: पाठक की असली परेशानी, उदाहरणों के साथ।
- मूल बातें: विषय की ज़रूरी समझ।
- चरण-दर-चरण समाधान: हर चरण का एक अध्याय।
- आम गलतियाँ और सवाल-जवाब।
- अगला कदम: चेकलिस्ट, अभ्यास, संसाधन।
उपन्यास या कहानी
सरल तीन-अंक वाला ढांचा: शुरुआत (पात्र और उनकी दुनिया, फिर एक घटना जो सब बदल दे), मध्य (संघर्ष, बाधाएँ, बढ़ता तनाव), और अंत (चरम क्षण और समाधान)। हर अध्याय के लिए दो-तीन पंक्तियाँ लिखें कि उसमें क्या होगा और वह कहानी को कैसे आगे बढ़ाता है।
संस्मरण या जीवनी
दो तरीके लोकप्रिय हैं: समय-क्रम (बचपन, पढ़ाई, संघर्ष, परिवार, उपलब्धियाँ) या विषय-क्रम (हर अध्याय एक विषय, जैसे “मेरे गुरु”, “वह शहर”, “पहली नौकरी”)। विषय-क्रम पढ़ने में अक्सर ज़्यादा रोचक होता है।
हर अध्याय की शब्द-योजना
किताब का कुल लक्ष्य तय करें और उसे अध्यायों में बाँटें। जैसे 40,000 शब्दों की किताब में 12 अध्याय हों, तो हर अध्याय लगभग 3,000 से 3,500 शब्द का होगा। शब्द से पृष्ठ अनुमान से इसे पृष्ठों में भी देख सकते हैं।
रूपरेखा का नमूना
• क्यों ज़रूरी: एक छोटी सच्ची घटना
• 5 आदतें, हर एक पर 400 शब्द
• आम बाधाएँ और उनके उपाय
• 7-दिन की चेकलिस्ट
रूपरेखा पत्थर की लकीर नहीं है। लिखते-लिखते बदलाव होंगे, और यह अच्छी बात है।