प्रतिस्पर्धा विश्लेषक: आपके विषय पर कितनी किताबें पहले से हैं
किसी विषय पर Google Books में मौजूद किताबों की संख्या, वे किस साल छपीं, किन प्रकाशकों ने छापीं, और सबसे नई किताबें कौन-सी हैं। लिखने से पहले बाज़ार की खाली जगह पहचानें।
यह क्या बताता है
- कुल किताबें: Google Books में इस विषय से मेल खाती किताबों की अनुमानित संख्या।
- साल-वार: नमूने की किताबें किस साल छपीं। अगर ज़्यादातर किताबें 10 साल से पुरानी हैं, तो नई और ताज़ा किताब की जगह है।
- प्रमुख प्रकाशक: इस विषय पर कौन सक्रिय है।
- नई किताबें: हाल की किताबें, जिन्हें देखकर आप अपना अलग कोण तय कर सकते हैं।
Google Books में हर हिंदी किताब नहीं होती, ख़ासकर छोटे प्रकाशकों की। इसलिए इसे पूरे बाज़ार की गिनती नहीं, बल्कि रुझान का संकेत मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कम किताबें होने का मतलब अच्छा मौका है?
ज़रूरी नहीं। कम किताबें और कम मांग, दोनों साथ हों तो पाठक भी कम होंगे। विषय-मांग मीटर के साथ मिलाकर देखें।
डेटा कितना ताज़ा है?
हर खोज पर Google Books से डेटा लाया जाता है। एक ही खोज का परिणाम तेज़ी के लिए कुछ दिनों तक कैश रहता है।
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